संजय दत्त के अनुसार, जेल के दौरान उनका घमंड टूटा!

अभिनेता संजय दत्त अपनी सजा पूरी करने के बाद फरवरी 2016 में जेल से छूटे। उन्हें 1993 मुम्बई धमाकों के दौरान गैर कानूनी तरीके से हथियार रखने के लिए सजा सुनाई थी। संजय दत्त ने एक मीडिया वार्ता के दौरान बताया कि उन्हें कारावास की जिंदगी ने अच्छा इंसान बनाया। उस दौरान जिंदगी ने मुझे बहुत कुछ सिखाया। यहाँ तक कि मेरा घमंड भी चूर चूर हो गया। परिवार से दूर रहना एक चुनौती थी। उस दौरान मैंने अपने शरीर को आकार में रखने की कोशिश की। इसके लिए डम्बबेल्स की जगह खाली डिब्बे और मटके उपयोग में लाता था। हर 6 महीने में होने वाले सांस्कृतिक कार्यक्रम में हिस्सा लेता था। इस दौरान सभी लोग मेरे परिवार के जैसे हो गए थे। कठिन समय मे जेल के साथियों ने हौसला बढ़ाया। संजय दत्त ने आगे बताया कि जब मैं जेल से छूटा तो वह मेरा सबसे खुशी का दिन था। मैं अपने पापा (सुनील दत्त) की कमी महसूस कर रहा था। मेरी इक्षा थी कि मुझें स्वतंत्र देखने के लिए