बुधवार, 28 जनवरी 2026

'मैं अब और नहीं गाऊंगा' – अरिजीत सिंह ने क्यों छोड़ी बॉलीवुड की चकाचौंध?

'मैं अब और नहीं गाऊंगा' – अरिजीत सिंह ने क्यों छोड़ी बॉलीवुड की चकाचौंध?

‘I am calling it off’: अरिजीत सिंह ने प्लेबैक सिंगिंग को कहा अलविदा, फैंस सदमे में!

बॉलीवुड के 'किंग ऑफ मेलोडी' अरिजीत सिंह ने अपने आधिकारिक सोशल मीडिया हैंडल के जरिए एक बेहद भावुक पोस्ट साझा किया। उन्होंने स्पष्ट किया कि वे अब फिल्मों के लिए नए गाने (playback assignments) नहीं लेंगे।

1. अरिजीत सिंह का वो पोस्ट जिसने सबको चौंका दिया

अरिजीत ने अपने इंस्टाग्राम और प्राइवेट एक्स (X) अकाउंट पर लिखा:

"नमस्कार, आप सभी को नव वर्ष की हार्दिक शुभकामनाएं। इतने वर्षों तक मुझे इतना प्यार देने के लिए सभी श्रोताओं का धन्यवाद। मुझे यह घोषणा करते हुए खुशी हो रही है कि मैं अब से प्लेबैक वोकलिस्ट के रूप में कोई नया काम (assignments) नहीं लूंगा। मैं इसे यहीं खत्म कर रहा हूं (I am calling it off)। यह एक शानदार सफर रहा।"

2. आखिर क्यों लिया यह बड़ा फैसला?

हालांकि शुरुआत में फैंस काफी हैरान थे, लेकिन अरिजीत ने बाद के पोस्ट्स में इसके पीछे के कारणों का संकेत दिया:

  • क्रिएटिविटी और बोरियत: अरिजीत ने स्वीकार किया कि वे व्यावसायिक संगीत के एक ही पैटर्न से बहुत जल्दी बोर हो जाते हैं। वे अपनी रचनात्मकता को और अधिक विस्तार देना चाहते हैं।
  • नए कलाकारों के लिए जगह: उन्होंने यह भी कहा कि वे चाहते हैं कि इंडस्ट्री में नए गायकों को मौका मिले जो उन्हें प्रेरित कर सकें।
  • स्वतंत्र संगीत (Indie Music): वे एक "छोटे कलाकार" के रूप में अपनी शर्तों पर संगीत बनाना चाहते हैं और भारतीय शास्त्रीय संगीत (Classical Music) में और गहराई से सीखना चाहते हैं।

3. क्या अब कभी नहीं सुनाई देगी अरिजीत की आवाज?

अच्छी खबर यह है कि अरिजीत संगीत बनाना बंद नहीं कर रहे हैं।

  • पेंडिंग कमिटमेंट्स: अरिजीत ने स्पष्ट किया कि उनके पास कुछ पुराने प्रोजेक्ट्स बकाया हैं जिन्हें वे पूरा करेंगे। इसलिए 2026 के अंत तक उनके कुछ नए फिल्मी गाने रिलीज होते रहेंगे।
  • हालिया हिट्स: उनके हालिया गाने जैसे 'ओ रोमियो' का "हम तो तेरे ही लिए थे" और 'बैटल ऑफ गलवान' का "मातृभूमि" पहले से ही चार्टबस्टर्स बने हुए हैं।
  • लाइव कॉन्सर्ट्स: उन्होंने संगीत बनाने और स्वतंत्र रूप से गाने जारी रखने का वादा किया है, जिसका मतलब है कि उनके फैंस उन्हें लाइव शो और स्वतंत्र एल्बमों में सुन पाएंगे।

4. बॉलीवुड हस्तियों की प्रतिक्रिया

अरिजीत के इस फैसले पर पूरी इंडस्ट्री ने सम्मान और दुख व्यक्त किया है:

  • बादशाह (Badshah): "सदियों में एक।"
  • अमाल मलिक (Amaal Mallik): "फिल्मी संगीत आपके बिना पहले जैसा कभी नहीं रहेगा। आपके दौर में पैदा होने के लिए खुद को खुशनसीब मानता हूं।"
  • कुमार सानू: उन्होंने अरिजीत के साहस की सराहना करते हुए इसे एक बड़ा फैसला बताया।

 

अरिजीत सिंह: 'तुम ही हो' से ग्लोबल सुपरस्टार बनने तक का सफर, जीवनी और फिल्में!

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जियागंज से ग्लोबल स्टार बनने की कहानी: अरिजीत सिंह का वो संघर्ष जो आपको रुला देगा!

भारतीय संगीत जगत के "मेलोडी किंग" अरिजीत सिंह (Arijit Singh) ने 27 जनवरी 2026 को प्लेबैक सिंगिंग (फिल्मों के लिए गायन) से संन्यास की घोषणा कर पूरी दुनिया को चौंका दिया है। 38 साल की उम्र में, जब वे अपने करियर के शिखर पर हैं, उन्होंने स्वतंत्र संगीत और अपनी जड़ों की ओर लौटने का फैसला किया है।


अरिजीत सिंह सिर्फ एक नाम नहीं, बल्कि करोड़ों युवाओं की भावनाओं की आवाज हैं। पश्चिम बंगाल के एक छोटे से कस्बे से निकलकर दुनिया के सबसे ज्यादा सुने जाने वाले कलाकार बनने तक की उनकी कहानी किसी फिल्मी स्क्रिप्ट से कम नहीं है।

1. संक्षिप्त जीवनी (Biography)

  • पूरा नाम: अरिजीत सिंह
  • जन्म: 25 अप्रैल 1987, जियागंज, मुर्शिदाबाद (पश्चिम बंगाल)
  • माता-पिता: पिता कक्कर सिंह (पंजाबी) और मां अदिति सिंह (बंगाली)।
  • प्रारंभिक शिक्षा: उन्होंने जियागंज के राजा बिजय सिंह हाई स्कूल और श्रीपत सिंह कॉलेज से शिक्षा प्राप्त की।
  • संगीत की शिक्षा: अरिजीत ने संगीत की बारीकियां 'हजारी ब्रदर्स' से सीखीं। राजेंद्र प्रसाद हजारी ने उन्हें शास्त्रीय संगीत, धीरेंद्र प्रसाद हजारी ने तबला और वीरेंद्र प्रसाद हजारी ने रबींद्र संगीत सिखाया।
  • निजी जीवन: उन्होंने 2014 में अपनी बचपन की दोस्त कोयल रॉय से शादी की। उनके दो बेटे और एक सौतेली बेटी है।

2. करियर का संघर्ष और सफलता (Career)

अरिजीत की सफलता रातों-रात नहीं मिली, इसके पीछे सालों का संघर्ष छिपा है:

  • फेम गुरुकुल (2005): 18 साल की उम्र में वे रियलिटी शो 'फेम गुरुकुल' में आए, लेकिन छठे स्थान पर रहकर बाहर हो गए। हालांकि, शो के जज संजय लीला भंसाली ने उनकी प्रतिभा को पहचान लिया था।
  • म्यूजिक प्रोग्रामर के रूप में काम: गायकी में ब्रेक मिलने से पहले उन्होंने प्रीतम, शंकर-एहसान-लॉय और विशाल-शेखर जैसे दिग्गजों के साथ म्यूजिक प्रोग्रामर के तौर पर काम किया।
  • बॉलीवुड डेब्यू (2011): उनका पहला फिल्मी गाना फिल्म 'मर्डर 2' का "फिर मोहब्बत" था, जिसे मिथुन ने कंपोज किया था।
  • आशिकी 2 और वैश्विक ख्याति (2013): फिल्म 'आशिकी 2' के गाने "तुम ही हो" ने उन्हें रातों-रात सुपरस्टार बना दिया। इस गाने के लिए उन्हें अपना पहला फिल्मफेयर अवॉर्ड मिला।

3. प्रमुख फिल्मोग्राफी और यादगार गीत (Filmography)

अरिजीत ने अपने 15 साल के प्लेबैक करियर में 500 से अधिक गाने गाए हैं।

साल

फिल्म

सुपरहिट गाना

2013

आशिकी 2

तुम ही हो, सुन रहा है

2014

सिटीलाइट्स

मुस्कुराने की वजह

2016

ऐ दिल है मुश्किल

चन्ना मेरेया, टाइटल ट्रैक

2017

पद्मावत

बिनते दिल

2022

ब्रह्मास्त्र

केसरिया

2024

लापता लेडीज

सजनी

2026

बैटल ऑफ गलवान

मातृभूमि (आखिरी कुछ प्रोजेक्ट्स में से एक)

4. पुरस्कार और विश्व रिकॉर्ड (Awards & Records)

  • नेशनल अवॉर्ड: दो बार (बिनते दिल और केसरिया के लिए)।
  • फिल्मफेयर अवॉर्ड: 8 बार 'सर्वश्रेष्ठ पार्श्व गायक' (किशोर कुमार के रिकॉर्ड की बराबरी)।
  • पद्म श्री (2025): कला के क्षेत्र में योगदान के लिए भारत सरकार द्वारा सम्मानित।
  • स्पॉटिफाई रिकॉर्ड: 2025 में वे टेलर स्विफ्ट को पीछे छोड़कर दुनिया के सबसे ज्यादा फॉलो किए जाने वाले कलाकार बने (151 मिलियन+ फॉलोअर्स)।

5. संन्यास और भविष्य की योजना (Retirement & Future)

27 जनवरी 2026 को अरिजीत ने सोशल मीडिया पर लिखा, "I am calling it off." उन्होंने स्पष्ट किया कि वे प्लेबैक सिंगिंग छोड़ रहे हैं क्योंकि वे व्यावसायिक पैटर्न से ऊब चुके हैं।

  • स्वतंत्र संगीत: वे अब अपना स्वतंत्र संगीत (Indie Music) बनाएंगे।
  • फिल्म मेकिंग: वे अब फिल्म निर्माण की ओर कदम बढ़ा रहे हैं। उनकी पहली हिंदी फिल्म (जंगल एडवेंचर) में उनका बेटा और नवाजुद्दीन सिद्दीकी की बेटी नजर आएंगे।

रविवार, 25 जनवरी 2026

अभिजीत मजुमदार: 'मेलोडी किंग' की जीवन यात्रा, करियर और यादगार फिल्में!

 

अभिजीत मजुमदार: 'मेलोडी किंग' की जीवन यात्रा, करियर और यादगार फिल्में!

अभिजीत मजुमदार: 'मेलोडी किंग' की जीवन यात्रा, करियर और यादगार फिल्में (1971–2026)

ओडिशा के संगीत प्रेमियों के दिलों पर राज करने वाले अभिजीत मजुमदार अब हमारे बीच नहीं रहे। एम्स भुवनेश्वर (AIIMS Bhubaneswar) में लंबे समय तक स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं से जूझने के बाद उन्होंने अंतिम सांस ली। उनके निधन से ओलीवुड (Ollywood) और संबलपुरी संगीत जगत में एक ऐसा शून्य पैदा हो गया है जिसे भरना असंभव है।

1. संक्षिप्त जीवनी (Biography)

  • जन्म: 11 सितंबर 1971, कटक, ओडिशा।

  • शिक्षा और प्रारंभिक जीवन: कटक में पले-बढ़े अभिजीत को बचपन से ही संगीत का शौक था। संगीत की दुनिया में कदम रखने से पहले वह एक शिक्षक (Teacher) थे, लेकिन 1996 में उन्होंने अपने जुनून को पूरा करने के लिए शिक्षण का पेशा छोड़ दिया।

  • परिवार: वह अपने पीछे पत्नी रंजीता मजुमदार और एक बेटा छोड़ गए हैं।

2. संगीत करियर: संबलपुरी से ओलीवुड तक (Career)

अभिजीत मजुमदार का करियर तीन दशकों से अधिक समय तक फैला रहा, जिसमें उन्होंने 700 से अधिक गानों को संगीतबद्ध किया।

  • शुरुआत (1991): उन्होंने अपने करियर की शुरुआत संबलपुरी संगीत से की। उनका पहला संबलपुरी एल्बम 'धसकी गला' (Dhaski Gala) 1991 में रिलीज हुआ और रातों-रात सुपरहिट हो गया।

  • ओलीवुड में प्रवेश (2000): फिल्म 'कासिया कपिला' (Kasia Kapila) से उन्होंने फिल्म संगीत निर्देशक के रूप में पहचान बनाई। इसके बाद उन्होंने पीछे मुड़कर नहीं देखा।

  • मेलोडी किंग: उनकी संगीत शैली इतनी अनूठी थी कि उन्हें "ओलीवुड का हिट मशीन" कहा जाने लगा। वह न केवल एक शानदार संगीतकार थे, बल्कि एक बेहतरीन गायक और परफॉर्मर भी थे।

3. प्रमुख फिल्मोग्राफी (Filmography)

अभिजीत मजुमदार ने कई ब्लॉकबस्टर फिल्मों के लिए चार्टबस्टर संगीत दिया। उनकी कुछ सबसे लोकप्रिय फिल्मों की सूची नीचे दी गई है:

सालफिल्म का नामभूमिका
2000Kasia Kapilaसंगीत निर्देशक (Debut)
2011Balunga Tokaसंगीत निर्देशक (State Film Award)
2012Matric Failसंगीत निर्देशक
2017Sister Srideviसंगीत निर्देशक
2018Sundergarh Ra Salman Khanसंगीत निर्देशक
2019Mr. Majnuसंगीत निर्देशक
2019Golmaal Loveसंगीत निर्देशक
2026Pogluसंगीत निर्देशक (Upcoming/Last Work)

लोकप्रिय गीत (Famous Songs):

  • तो हृदया किछि कहिला (To Hrudaya Kichhi Kahila)

  • हिलेरे हिले हिले (Hilere Hile Hile)

  • बालुंगा टोका (Title Track)

  • हस गोटे (Hasa Gote)

4. पुरस्कार और सम्मान (Awards)

ओडिशा के सांस्कृतिक परिदृश्य में उनके योगदान के लिए उन्हें कई पुरस्कारों से नवाजा गया।

  • ओडिशा राज्य फिल्म पुरस्कार (2011): उन्हें फिल्म 'तू था मुँ जाउची रुषि' (Tu Tha Mun Jauchi Rushi) के लिए सर्वश्रेष्ठ संगीत निर्देशक का पुरस्कार मिला।

  • मेलोडी नाइट्स: तरंग टीवी पर उनके शो 'मेलोडी नाइट्स' ने उन्हें हर घर में पहचान दिलाई।

5. अंतिम विदाई (The Final Moments)

अभिजीत मजुमदार सितंबर 2025 से एम्स भुवनेश्वर में भर्ती थे। उन्हें लीवर की बीमारी, उच्च रक्तचाप और निमोनिया जैसी जटिलताएं थीं। 23 जनवरी को संक्रमण बढ़ने के कारण उनकी स्थिति बिगड़ गई और 25 जनवरी 2026 की सुबह 9:02 बजे हृदय गति रुकने से उनका निधन हो गया।

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