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धुरंधर 2: द रिवेंज - फिल्म समीक्षा (Hindi Movie Review)

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  धुरंधर 2: द रिवेंज - फिल्म समीक्षा (Hindi Movie Review) आदित्य धर की ' धुरंधर 2: द रिवेंज ' केवल एक फिल्म नहीं, बल्कि एक 229 मिनट (3 घंटे 49 मिनट) का महा-अनुभव है। 2025 की सुपरहिट 'धुरंधर' का यह सीक्वल अपने पहले भाग से कहीं अधिक भव्य, हिंसक और भावनात्मक रूप से गहरा है। कहानी: बदले और देशभक्ति का संगम फिल्म की शुरुआत जसकीरत सिंह रांगी उर्फ हमजा अली मजारी (रणवीर सिंह) के अतीत से होती है। जसकीरत, जो अब कराची के अंडरवर्ल्ड में 'लियारी के सुल्तान' के रूप में अपनी पहचान बना चुका है, एक खतरनाक मिशन पर है। उसका लक्ष्य 26/11 के मास्टरमाइंड्स को खत्म करना और पाकिस्तान के भीतर मौजूद आतंकी नेटवर्क को नेस्तनाबूद करना है। कहानी में नया मोड़ तब आता है जब उसका सामना मेजर इकबाल (अर्जुन रामपाल) से होता है। फिल्म की टैगलाइन— "अब पाकिस्तान का मुस्तकबिल, हिंदुस्तान तय करेगा" —इसकी पूरी टोन सेट कर देती है। अभिनय: रणवीर सिंह का 'कैरियर बेस्ट' परफॉर्मेंस रणवीर सिंह: उन्होंने 'हमजा' के किरदार में खुद को पूरी तरह झोंक दिया है। एक जासूस की मजबूरी, एक भाई क...

Dhurandhar 2 Box Office: रणवीर सिंह का ग्लोबल धमाका! 6 दिनों में ₹940 करोड़ पार, आज रचेगी इतिहास।

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Dhurandhar 2 Box Office: रणवीर सिंह की 'धुरंधर 2' का दुनिया भर में कोहराम, 6 दिनों में ₹940 करोड़ पार! भारतीय सिनेमा के इतिहास में एक नया अध्याय लिखा जा रहा है। आदित्य धर के निर्देशन में बनी स्पाय-थ्रिलर ' धुरंधर 2: द रिवेंज ' (Dhurandhar 2: The Revenge) बॉक्स ऑफिस पर रुकने का नाम नहीं ले रही है। रणवीर सिंह की इस फिल्म ने महज 6 दिनों के भीतर वैश्विक स्तर पर ₹940 करोड़ की कमाई कर सबको हैरान कर दिया है। आज यह फिल्म आधिकारिक तौर पर ₹1000 करोड़ क्लब में एंट्री करने जा रही है, जो किसी भी भारतीय फिल्म के लिए एक ऐतिहासिक उपलब्धि है। 6 दिनों का बॉक्स ऑफिस कलेक्शन: ₹1000 करोड़ की ओर कदम 'धुरंधर 2' ने रिलीज के पहले दिन से ही रिकॉर्ड तोड़ना शुरू कर दिया था। फिल्म ने अपने ओपनिंग वीकेंड में ही करीब ₹750 करोड़ का आंकड़ा छू लिया था और वर्किंग डेज (सोमवार-मंगलवार) में भी इसकी पकड़ मजबूत बनी हुई है। कुल वर्ल्डवाइड ग्रॉस: ₹937–₹940 करोड़ (अनुमानित) भारत में नेट कलेक्शन: ₹575 करोड़ से अधिक ओवरसीज मार्केट: उत्तर अमेरिका और यूरोप में फिल्म का जादू सिर चढ़कर बोल रहा है, जहाँ इस...

'मैं अब और नहीं गाऊंगा' – अरिजीत सिंह ने क्यों छोड़ी बॉलीवुड की चकाचौंध?

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‘I am calling it off’: अरिजीत सिंह ने प्लेबैक सिंगिंग को कहा अलविदा, फैंस सदमे में! बॉलीवुड के 'किंग ऑफ मेलोडी' अरिजीत सिंह ने अपने आधिकारिक सोशल मीडिया हैंडल के जरिए एक बेहद भावुक पोस्ट साझा किया। उन्होंने स्पष्ट किया कि वे अब फिल्मों के लिए नए गाने (playback assignments) नहीं लेंगे। 1. अरिजीत सिंह का वो पोस्ट जिसने सबको चौंका दिया अरिजीत ने अपने इंस्टाग्राम और प्राइवेट एक्स (X) अकाउंट पर लिखा: "नमस्कार, आप सभी को नव वर्ष की हार्दिक शुभकामनाएं। इतने वर्षों तक मुझे इतना प्यार देने के लिए सभी श्रोताओं का धन्यवाद। मुझे यह घोषणा करते हुए खुशी हो रही है कि मैं अब से प्लेबैक वोकलिस्ट के रूप में कोई नया काम (assignments) नहीं लूंगा। मैं इसे यहीं खत्म कर रहा हूं (I am calling it off)। यह एक शानदार सफर रहा।" 2. आखिर क्यों लिया यह बड़ा फैसला? हालांकि शुरुआत में फैंस काफी हैरान थे, लेकिन अरिजीत ने बाद के पोस्ट्स में इसके पीछे के कारणों का संकेत दिया: क्रिएटिविटी और बोरियत: अरिजीत ने स्वीकार किया कि वे व्यावसायिक संगीत के एक ही पैटर्न से बहुत जल्दी बोर हो ज...

अरिजीत सिंह: 'तुम ही हो' से ग्लोबल सुपरस्टार बनने तक का सफर, जीवनी और फिल्में!

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जियागंज से ग्लोबल स्टार बनने की कहानी: अरिजीत सिंह का वो संघर्ष जो आपको रुला देगा! भारतीय संगीत जगत के "मेलोडी किंग" अरिजीत सिंह (Arijit Singh) ने 27 जनवरी 2026 को प्लेबैक सिंगिंग (फिल्मों के लिए गायन) से संन्यास की घोषणा कर पूरी दुनिया को चौंका दिया है। 38 साल की उम्र में, जब वे अपने करियर के शिखर पर हैं, उन्होंने स्वतंत्र संगीत और अपनी जड़ों की ओर लौटने का फैसला किया है। अरिजीत सिंह सिर्फ एक नाम नहीं, बल्कि करोड़ों युवाओं की भावनाओं की आवाज हैं। पश्चिम बंगाल के एक छोटे से कस्बे से निकलकर दुनिया के सबसे ज्यादा सुने जाने वाले कलाकार बनने तक की उनकी कहानी किसी फिल्मी स्क्रिप्ट से कम नहीं है। 1. संक्षिप्त जीवनी (Biography) पूरा नाम: अरिजीत सिंह जन्म: 25 अप्रैल 1987, जियागंज, मुर्शिदाबाद (पश्चिम बंगाल) माता-पिता: पिता कक्कर सिंह (पंजाबी) और मां अदिति सिंह (बंगाली)। प्रारंभिक शिक्षा: उन्होंने जियागंज के राजा बिजय सिंह हाई स्कूल और श्रीपत सिंह कॉलेज से शिक्षा प्राप्त की। संगीत की शिक्षा: अरिजीत ने संगीत की बारीकियां 'हजारी ब्र...

अभिजीत मजुमदार: 'मेलोडी किंग' की जीवन यात्रा, करियर और यादगार फिल्में!

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  अभिजीत मजुमदार: 'मेलोडी किंग' की जीवन यात्रा, करियर और यादगार फिल्में (1971–2026) ओडिशा के संगीत प्रेमियों के दिलों पर राज करने वाले अभिजीत मजुमदार अब हमारे बीच नहीं रहे। एम्स भुवनेश्वर (AIIMS Bhubaneswar) में लंबे समय तक स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं से जूझने के बाद उन्होंने अंतिम सांस ली। उनके निधन से ओलीवुड (Ollywood) और संबलपुरी संगीत जगत में एक ऐसा शून्य पैदा हो गया है जिसे भरना असंभव है। 1. संक्षिप्त जीवनी (Biography) जन्म: 11 सितंबर 1971, कटक, ओडिशा। शिक्षा और प्रारंभिक जीवन: कटक में पले-बढ़े अभिजीत को बचपन से ही संगीत का शौक था। संगीत की दुनिया में कदम रखने से पहले वह एक शिक्षक (Teacher) थे, लेकिन 1996 में उन्होंने अपने जुनून को पूरा करने के लिए शिक्षण का पेशा छोड़ दिया। परिवार: वह अपने पीछे पत्नी रंजीता मजुमदार और एक बेटा छोड़ गए हैं। 2. संगीत करियर: संबलपुरी से ओलीवुड तक (Career) अभिजीत मजुमदार का करियर तीन दशकों से अधिक समय तक फैला रहा, जिसमें उन्होंने 700 से अधिक गानों को संगीतबद्ध किया। शुरुआत (1991): उन्होंने अपने करियर की शुरुआत संबलपुरी संगीत से की। उनका...

दिलजीत दोसांझ ने जयपुर कॉन्सर्ट में एक मारवाड़ी प्रशंसक के साथ लाइव मंच साझा किया!

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दिलजीत दोसांझ  का उत्साह पूरे भारत में फैल गया है क्योंकि वह अपने दिल-लुमिनाती टूर पर एक के बाद एक शहरों का दौरा कर रहे हैं। दिल्ली में दो दिनों के प्रदर्शन के बाद, उन्होंने हाल ही में जयपुर में दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। प्रदर्शन के दौरान एक मारवाड़ी प्रशंसक के साथ गायक की बातचीत ने ऑनलाइन बहुत प्यार बटोरा है। दिलजीत ने न केवल प्रशंसक की "पगड़ी" का सम्मान किया, बल्कि उसके साथ भांगड़ा भी किया। आज, 4 नवंबर, 2024 को दिलजीत दोसांझ की टीम के आधिकारिक इंस्टाग्राम अकाउंट ने कल रात के जयपुर कार्यक्रम का एक प्यारा वीडियो साझा किया। वीडियो में, सफेद सूट पहने दिलजीत प्रशंसक के बगल में खड़े दिखाई दे रहे थे, जिसने भी सफेद कुर्ता पहना हुआ था। उन्होंने सभी से अनुरोध किया कि वे उस व्यक्ति की "पगड़ी" की सराहना करें। इसके बाद गायक ने कहा, "ये पगड़ी हमारी शान है; ये हमारे देश की यही ख़ूबसूरती है; हर 2, 3, 4 घंटे बाद हमारी बोली चेंज हो जाती है, हमारा खाना चेंज हो जाता है; ये हमारे देश की ये खूबसूरती है। दिलजीत दोसांझ ने आगे बताया, "और हम जहां-जहां से हैं, कोई जयपुर से है...