बहुमुखी प्रतिभा के धनी पीयूष मिश्रा भारतीय कला जगत का एक ऐसा नाम हैं, जो अपनी तीक्ष्ण बुद्धि, बेबाक कविता और गहरे अभिनय के लिए जाने जाते हैं। ग्वालियर की गलियों से निकलकर नेशनल स्कूल ऑफ ड्रामा (NSD) और फिर बॉलीवुड के शिखर तक का उनका सफर संघर्ष और रचनात्मकता की एक मिसाल है।
अप्रैल 2026 तक, पीयूष मिश्रा अपने बैंड 'बल्लीमारान' (Ballimaaraan) के साथ देश-विदेश के दौरों पर हैं और अपनी नई फिल्मों के जरिए दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर रहे हैं।
जीवनी (Biography: Early Life & Struggle)
पीयूष मिश्रा का जन्म 13 जनवरी 1963 को मध्य प्रदेश के ग्वालियर में हुआ था।
व्यक्तिगत प्रोफाइल:
पूरा नाम: पीयूष मिश्रा (बचपन का नाम: प्रियकांश मिश्रा)
शिक्षा: नेशनल स्कूल ऑफ ड्रामा (NSD), नई दिल्ली (1986 बैच) के पूर्व छात्र।
शुरुआती करियर: उन्होंने दिल्ली में 'एक्ट वन' (Act One) थिएटर ग्रुप के साथ काम किया और लगभग 20 वर्षों तक थिएटर और वामपंथी विचारधारा से जुड़े रहे।
परिवार: उन्होंने 1995 में आर्किटेक्ट प्रिया नारायणन से शादी की।
उनके दो बेटे हैं—जोश और जय। दार्शनिक दृष्टिकोण: पीयूष अपनी स्पष्टवादिता और अपनी आत्मकथा 'तुम्हारी औकात क्या है' (Tumhari Auqat Kya Hai) के लिए भी चर्चा में रहते हैं, जहाँ उन्होंने अपने जीवन के अंधेरे और उजले दोनों पक्षों को साझा किया है।
फिल्मोग्राफी: अभिनय और संगीत का संगम (Filmography)
पीयूष मिश्रा केवल एक अभिनेता नहीं, बल्कि एक लेखक, गायक और संगीत निर्देशक भी हैं।
यादगार फिल्में और किरदार
मकबूल (2003):
'काका' के किरदार ने उन्हें गंभीर सिनेमा में स्थापित किया। गुलाल (2009): इस फिल्म में उन्होंने अभिनय के साथ-साथ संगीत और गीत भी दिए।
"आरंभ है प्रचंड" आज भी युवाओं के बीच एक कल्ट सॉन्ग है। गैंग्स ऑफ वासेपुर (2012):
'नासिर' के किरदार और उनकी जादुई आवाज में नरेशन (कथा वाचन) ने इस फिल्म को अमर बना दिया। तमाशा (2015): कहानी सुनाने वाले (Storyteller) के रोल में उन्होंने अपनी असली पहचान को पर्दे पर जिया।
पिंक (2016): विपक्षी वकील के रूप में उनके तीखे संवादों ने कोर्ट-रूम ड्रामा में जान फूँक दी।
2025-2026 के नए प्रोजेक्ट्स
राहु केतु (Rahu Ketu): 16 जनवरी 2026 को रिलीज हुई इस एडवेंचर-कॉमेडी फिल्म में उन्होंने 'फूफा' का मजेदार किरदार निभाया है।
आजाद (Azaad): जनवरी 2025 में आई इस फिल्म में उनके काम की काफी तारीफ हुई।
इंडियन 2 (2024): कमल हासन के साथ इस बड़े बजट के प्रोजेक्ट में वह नजर आए।
संगीत और 'बल्लीमारान' (Musical Legacy: Ballimaaraan)
पीयूष मिश्रा का बैंड 'बल्लीमारान' 2026 में अपने चरम पर है। उनका "आरंभ 2.0" (Aarambh 2.0) इंडिया टूर और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर 'उड़नखटोला' टूर काफी सफल रहे हैं।
लोकप्रिय गीत:
"आरंभ है प्रचंड" (गुलाल)
"हुस्ना" (कोक स्टूडियो / बल्लीमारान)
"इक बगल में चाँद होगा" (गैंग्स ऑफ वासेपुर)
"घर" (बल्लीमारान)
पुरस्कार और सम्मान
ज़ी सिने अवार्ड: फिल्म 'द लीजेंड ऑफ भगत सिंह' के स्क्रीनप्ले और डायलॉग के लिए।
स्टारडस्ट अवार्ड: फिल्म 'गुलाल' के लिए बेस्ट सपोर्टिंग एक्टर।
संगीत नाटक अकादमी: थिएटर में उनके विशेष योगदान के लिए सम्मानित।

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